नई दिल्ली। प्रगति मैदान में शुक्रवार को पांचवें अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो 2019 का आगाज हो गया। इस एक्सपो में दुनियाभर के 25 से ज्यादा देशों की युद्ध एवं आपदा राहत उपकरण बनाने वाली कंपनियां ने हिस्सेदारी की है। खास बात यह है कि यहां देश के युद्ध कौशल को और भी प्रशस्त करने वाले नवीन हथियारों का भी प्रदर्शन किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो में 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपने बेहतरीन सुरक्षा उपकरणों का दर्शकों के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। यहां भारतीय आयुध निर्माणी बोर्ड के तहत आने वाली पांच फैक्टरियां अपने आधुनिक हथियारों के साथ पहुंची हैं। इनमें इशापुर (वेस्ट बंगाल) राइफल फैक्टरी, आयुध उपकरण फैक्टरी, कानपुर, देहरादून, तिरुचिरापल्ली (त्रिची) और लघु अस्त्र-शस्त्र फैक्टरी कानपुर शामिल हैं। इन फैक्टरियों के हथियारों में दूरगामी वार करने वाली रायफलें, पिस्तौल, स्नाइपर गन, बुलेट प्रूफ जैकेट, नाइट विजन ग्लास समेत अन्य उपकरण शामिल हैं।
जर्मनी का टू-इन वन ड्रोन वेक्टर रखेगा दुश्मनों पर निगरानी
भारतीय कंपनी रोटर देश की सुरक्षा की पुख्ता निगरानी के लिए जर्मन टेक्नोलॉजी से तैयार अत्याधुनिक ड्रोन वेक्टर उर्फ स्कॉर्पियन लेकर पहुंची है। कंपनी के कंट्री मैनेजर श्रीकृष्णा शास्त्री ने बताया कि यह पहला ऐसा ड्रोन है जो लगातार दो घंटे तक निगरानी कर सकता है और घने अंधेरे में शार्प विजन के साथ ह्यूमन हीट को डिटेक्ट करेगा। इसकी एक और खासियत यह है कि यह जमीन से दो मीटर की ऊंचाई पर उड़ सकता है, जिससे यह दुश्मन के रडार पर नहीं दिखेगा। उन्होंने बताया कि भारत में पहला यह इकलौता ड्रोन है जिसकी आकृति हवाई जहाज जैसी है। लेकिन इसके पंख निकालकर इसमें हैलीकॉप्टर जैसे तीन पंखे लगाकर भी प्रयोग किया जा सकता है। एयरोप्लेन के पंखों के साथ इसे वेक्टर कहते हैं और हेलीकाप्टर के पंखे लगने के बाद इसे स्कॉर्पियन बुलाया जाता है।हाइटेक लाइफ बॉय भी है खास
एक्सपो में कमल नयन मार्केटिंग कंपनी बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए यू सेफ नामक लाइफ बॉय लेकर पहुंची है। इसकी आकृति घोड़े की नाल की तरह है, जिसके दोनों सिरों पर 24 हजार वॉट के मोटर में पंखे लगे हैं और इसे रिमोट से कंट्रोल किया जाता है। इसकी एक और खासियत यह है कि डूबते हुए आदमी को बचाने के लिए इसे पानी में उल्टा या सीधा दोनों तरफ से डाला जा सकता है। यह पानी में गिरने के कुछ सेकेंड बाद ही ऑटोमेटिक तरीके से स्टार्ट हो जाता है। इसके प्रयोग के लिए डूबते हुए शख्स को इस पर बने हैंडलों को पकड़ना होगा और रिमोट से कंट्रोल करने वाला लाइफ बॉय व्यक्ति को किनारे पर ले आएगा। यह 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लोगों को पानी में डूबने बचाने की क्षमता रखता है।
